Maulana Azizul Haque al-Umari

Ayah by Ayah

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Maulana Azizul Haque al-Umari translation for Surah Al-Qalam — Ayah 35

68:35
أَفَنَجۡعَلُ ٱلۡمُسۡلِمِينَ كَٱلۡمُجۡرِمِينَ ٣٥
तो क्या हम आज्ञाकारियों1 को अपराध करने वालों की तरह कर देंगे?
Footnotes
  • [1] मक्का के प्रमुख कहते थे कि यदि प्रलय हुई, तो वहाँ भी हमें यही सांसारिक सुख-सुविधा प्राप्त होगी। जिसका इस आयत में खंडन किया जा रहा है। अभिप्राय यह है कि अल्लाह के यहाँ देर है, परंतु अँधेर नहीं है।