Maulana Azizul Haque al-Umari

Ayah by Ayah

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Maulana Azizul Haque al-Umari translation for Surah An-Naba — Ayah 5

78:5
ثُمَّ كـَلَّا سَيَعۡلَمُونَ ٥
फिर हरगिज़ नहीं, शीघ्र ही वे जान लेंगे।1
Footnotes
  • [1] इन आयतों में उनको धिक्कारा गया है, जो प्रलय की हँसी उड़ाते हैं। जैसे उनके लिए प्रलय की सूचना किसी गंभीर चिंता के योग्य नहीं। परंतु वह दिन दूर नहीं जब प्रलय उनके आगे आ जाएगी और वे विश्व विधाता के सामने उत्तरदायित्व के लिए उपस्थित होंगे।