Maulana Azizul Haque al-Umari

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Maulana Azizul Haque al-Umari translation for Surah Ad-Duhaa — Ayah 11

93:11
وَأَمَّا بِنِعۡمَةِ رَبِّكَ فَحَدِّثۡ ١١
और अपने रब के उपकार का वर्णन करते रहें।1
Footnotes
  • [1] इन अंतिम आयतों में नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को बताया गया है कि हमने तुमपर जो उपकार किए हैं, उनके बदले में तुम अल्लाह की उत्पत्ति के साथ दया और उपकार करो यही हमारे उपकारों की कृतज्ञता होगी।