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Hindi Mokhtasar tafsir for Surah At-Tin — Ayah 5

ثُمَّ رَدَدۡنَٰهُ أَسۡفَلَ سَٰفِلِينَ ٥
पिर हमने उसे दुनिया में बुढ़ापे और सठियाव की ओर लौटा दिया, इसलिए वह अपने शरीर से लाभ नहीं उठा सकता, जैसे कि अगर वह अपना स्वभाव बिगाड़ ले और जहन्नम में चला जाए, तो वह अपने शरीर से लाभ नहीं उठा सकेगा।