क्या (ऐ रसूल) आपने उन लोगों को नहीं देखा, जिन्होंने कुफ़्र को छिपाया और ईमान का प्रदर्शन किया कि वे विकृत तौरात को मानने वाले यहूदियों में से अपने काफ़िर भाइयों से कहते हैं : अपने घरों के अंदर डटे रहो, हम तुम्हारी सहायता से पीछे नहीं हटेंगे और तुम्हें असहाय नहीं छोड़ेंगे। यदि मुसलमानों ने तुम्हें यहाँ से बाहर निकाल दिया, तो हम भी तुम्हारे साथ एकजुटता दिखाते हुए निकल खड़े होंगे। तथा हम किसी की भी बात नहीं मानेंगे, जो हमें तुम्हारे साथ बाहर जाने से रोकना चाहेगा। और अगर मुसलमानों ने तुमसे युद्ध किया, तो हम उनके विरुद्ध तुम्हारी मदद करेंगे। हालाँकि अल्लाह गवाही देता है कि निःसंदेह मुनाफ़िक़ अपने इस दावे में झूठे हैं कि यदि यहूदियों को निकाला गया तो वे उनके साथ निकल खड़े होंगे और यदि उनसे युद्ध किया गया तो वे उनकी ओर से युद्ध करेंगे।