इस धन का कुछ हिस्सा अल्लाह की ख़ातिर घर-बार छोड़ने वाले उन ग़रीबों पर खर्च किया जाएगा, जो अपने धनों और बाल-बच्चों को छोड़ने के लिए मजबूर किए गए। वे आशा करते हैं कि अल्लाह उन्हें इस दुनिया में जीविका और आख़िरत में अपनी प्रसन्नता प्रदान करेगा। वे अल्लाह के रास्ते में जिहाद करके अल्लाह की मदद तथा उसके रसूल की मदद करते हैं। जो इन गुणों से विशिष्ट हैं, वही लोग वास्तव में ईमान में दृढ़ हैं।