और (ऐ रसूल) उस समय को याद करें, जब मूसा अलैहिस्लाम ने अपनी जाति के लोगों से कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! तुम मेरे आदेश का उल्लंघन करके मुझे कष्ट क्यों देते हो, जबकि तुम जानते हो कि मैं तुम्हारी ओर अल्लाह का रसूल हूँ?! फिर जब वे उस सत्य से विचलित हो गए और हट गए, जो मूसा अलैहिस्सलाम उनके पास लेकर आए थे, तो अल्लाह ने उनके दिलों को सत्य और सत्यनिष्ठा (धर्मपरायणता) से हटा दिया। और अल्लाह उन लोगों को सत्य की तौफ़ीक़ नहीं देता, जो उसकी अवज्ञा करने वाले हों।