और वे तलाकशुदा स्त्रियाँ जो अपने बुढ़ापे के कारण मासिक धर्म से निराश हो चुकी हैं, यदि तुम्हें संदेह है कि वे अपनी इद्दत की गणना कैसे करेंगी, तो उनकी इद्दत तीन मास है। तथा जो स्त्रियाँ अपनी अल्पायु के कारण मासिक धर्म की उम्र तक नहीं पहुँची हैं, तो उनकी इद्दत भी तीन मास है। और गर्भवती महिलाओं की तलाक़ या पति की मृत्यु की वजह से इद्दत उस समय समाप्त होगी : जब वे अपना गर्भ जन देंगी। और जो अल्लाह से, उसके आदेशों का पालन करके और उसकी मना की हुई चीज़ों से बचकर, डरेगा; अल्लाह उसके लिए उसके मामलों को आसान बना देगा और उसकी हर कठिनाई को सरल कर देगा।